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657 करोड़ के कथित बैंक घोटाले में ‘लव एंगल’: डांसर को हर महीने 10 लाख, दिल्ली में करोड़ों का घर और विदेश यात्राओं का खुलासा

657 करोड़ के कथित बैंक घोटाले में ‘लव एंगल’: डांसर को हर महीने 10 लाख, दिल्ली में करोड़ों का घर और विदेश यात्राओं का खुलासा

       हरियाणा और चंडीगढ़ के सरकारी विभागों से जुड़े करीब 657 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले से जुड़े खर्च और कथित लेनदेन की एक अलग कहानी भी सामने आ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में पूर्व IDFC First Bank अधिकारी रिभव ऋषि और एक महिला डांसर के संबंधों का जिक्र सामने आया है। महिला को जांच एजेंसी ने मामले में महत्वपूर्ण गवाहों में से एक माना है। उसके बयान के आधार पर दिल्ली में करोड़ों रुपये की संपत्ति, हर महीने लाखों रुपये का भुगतान, महंगे होटल, विदेशी यात्राएं और पार्टियों से जुड़े कई दावे जांच का हिस्सा बने हैं।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि महिला द्वारा CBI को दिए गए बयान में लगाए गए आरोप और जांच एजेंसी के आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं हैं। मामले में अदालत में आरोपों की सुनवाई और साक्ष्यों का परीक्षण होना बाकी है।

कौन है रिभव ऋषि?

CBI के अनुसार रिभव ऋषि इस कथित बैंक घोटाले की आपराधिक साजिश का प्रमुख व्यक्ति था। वह IDFC First Bank की चंडीगढ़ सेक्टर-32 शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद पर काम कर चुका था। बाद में वह AU Small Finance Bank से भी जुड़ा। CBI ने अदालत में दावा किया है कि सरकारी विभागों के बैंक खातों से धन निकालकर उसे विभिन्न शेल कंपनियों और खातों के माध्यम से दूसरी जगह भेजने की कथित योजना में ऋषि की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

CBI के अनुसार, जांच में दस्तावेजी, बैंकिंग, इलेक्ट्रॉनिक और गवाहों से मिले साक्ष्यों के आधार पर ऋषि को कथित साजिश का “principal architect and mastermind” बताया गया है। अगस्त 2026 में CBI विशेष अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी धन को विभिन्न संस्थाओं और खातों के जरिए घुमाया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, ऋषि ने कम से कम 25 कथित फर्जी debit transactions को अधिकृत किया, जिनकी कुल राशि लगभग 187.35 करोड़ रुपये बताई गई है।

चंडीगढ़ के एक कार्यक्रम से शुरू हुई मुलाकात

CBI के सामने महिला द्वारा दिए गए बयान के मुताबिक, उसकी ऋषि से पहली मुलाकात मार्च-अप्रैल 2025 में चंडीगढ़ के एक कार्यक्रम में हुई थी। महिला उस कार्यक्रम में डांस प्रस्तुति दे रही थी। उसके अनुसार उस समय दोनों के बीच विशेष बातचीत नहीं हुई।

इसके करीब एक-दो महीने बाद दोनों की फिर मुलाकात हुई। 8 मई 2025 को जयपुर में आयोजित एक फार्महाउस पार्टी में भी दोनों मिले।

इसके बाद 5 जुलाई 2025 को मुंबई के सेंट रेजिस होटल में मुलाकात के दौरान ऋषि ने कथित तौर पर महिला से अपने प्रेम का इजहार किया। महिला के बयान के अनुसार, ऋषि ने खुद को इवेंट प्लानर और चावल के आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारी के रूप में बताया तथा यह भी कहा कि वह IDFC First Bank में ब्रांच मैनेजर है।

महिला ने CBI को बताया कि ऋषि ने अपनी पत्नी दिव्या अरोड़ा से तलाक लेकर उससे शादी करने और उसके परिवार की देखभाल करने का वादा किया था।

दिल्ली में करोड़ों का घर

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा दिल्ली के द्वारका स्थित उस संपत्ति को लेकर है, जिसे कथित तौर पर महिला के लिए खरीदा गया।

महिला के बयान के मुताबिक, 18 जुलाई 2025 को ऋषि ने घर बुक कराने के लिए 1 लाख रुपये दिए। इसके बाद संपत्ति के लिए लगभग 3.10 करोड़ रुपये नकद दिए गए। महिला के अनुसार, इसमें उसने खुद करीब 49 लाख रुपये लगाए थे, जबकि बाकी रकम ऋषि ने दी थी।

संपत्ति के लिए लगभग 90 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम भी देनी थी, जिसमें से महिला के बयान के मुताबिक 65 लाख रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका था। महिला ने CBI को बताया कि वह 2 जनवरी 2026 से इस घर में रह रही है।

इस तरह केवल इस संपत्ति से जुड़े भुगतान को ही देखें तो रकम कई करोड़ रुपये तक पहुंचती है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन खर्चों के लिए इस्तेमाल किए गए धन का स्रोत क्या था और कथित सरकारी धन की हेराफेरी से इनका कोई संबंध था या नहीं।

हर महीने 10 लाख रुपये देने का दावा

महिला ने CBI को बताया कि ऋषि ने अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच उसे हर महीने करीब 10 लाख रुपये दिए।

उसके अनुसार, कुल भुगतान करीब 56 लाख रुपये रहा। महिला ने जांच एजेंसी को बताया कि ऋषि ने उससे डांस का काम छोड़ने को कहा था और इसके बदले वह उसे यह रकम देने के लिए तैयार हुआ था।

महिला के मुताबिक, उसने ऋषि की ओर से आयोजित केवल दो-तीन पार्टियों में ही डांस किया था। चंडीगढ़ में ऐसी कई पार्टियां जीरकपुर स्थित Z Manor में आयोजित होने की बात सामने आई है।

इन आयोजनों में डांसर्स के अलावा कुछ सरकारी अधिकारियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों के शामिल होने का दावा भी महिला ने अपने बयान में किया है।

पार्टियों में लाखों रुपये खर्च होने का दावा

महिला के बयान के अनुसार, Z Manor की पार्टियों के लिए ऋषि कथित तौर पर नकदी की व्यवस्था करता था। उसने CBI को बताया कि कार्यक्रमों में कुछ हरियाणा सरकार के अधिकारी डांसर्स पर नोट उड़ाते थे।

उसके अनुसार, प्रत्येक कार्यक्रम में करीब पांच से छह डांसर्स की व्यवस्था की जाती थी। UAE में रहने वाले एक आयोजक नितिन आनंद का नाम भी जांच में सामने आया है।

महिला के मुताबिक, एक पार्टी पर लगभग 15 से 20 लाख रुपये तक खर्च होता था। डांसर्स को मिलने वाली रकम को आयोजक के साथ 50:50 के अनुपात में बांटे जाने का भी दावा किया गया है।

यह पूरा विवरण फिलहाल CBI जांच में सामने आए बयान का हिस्सा है। इन दावों की पुष्टि का अंतिम निर्धारण अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना है।

IAS अधिकारियों के शामिल होने के आरोप

मामले को गंभीर बनाने वाली बात यह है कि जांच में कुछ सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

महिला ने अपने बयान में पंकज अग्रवाल समेत कुछ अधिकारियों के ऐसे आयोजनों में शामिल होने का दावा किया। उसके अनुसार, पंकज अग्रवाल कथित तौर पर कई पार्टियों में पहुंचे थे।

CBI ने अलग से अदालत में दावा किया है कि पंकज अग्रवाल ने दो अलग-अलग विभागों से जुड़े मामलों में बैंक खाते खुलवाने और धन के कथित diversion को सक्षम बनाने में भूमिका निभाई। जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, CBI ने दावा किया था कि उनके कार्यकाल से जुड़े खातों में कई संदिग्ध लेनदेन हुए।

हालांकि, इन आरोपों को संबंधित न्यायिक प्रक्रिया में साबित किया जाना अभी बाकी है।

आलीशान होटलों से लेकर विदेशी यात्राओं तक

CBI को दिए बयान में महिला ने ऋषि के साथ कई महंगे होटलों में ठहरने की बात भी कही।

उसके अनुसार, दोनों चंडीगढ़ के Novotel, Holiday Inn और Hyatt, दिल्ली के Andaz, JW Marriott और ITC Maurya तथा गोवा के Taj Hotel में ठहरे थे।

अगस्त 2025 में ऋषि, महिला और कुछ अन्य लोगों के साथ मकाऊ और फिर थाईलैंड की यात्रा करने का भी दावा किया गया है।

इसके बाद 21 नवंबर 2025 को दोनों दुबई गए। महिला के मुताबिक, इस यात्रा में अरुण शर्मा, अभय कुमार और नरेश कुमार भुवानी भी शामिल थे।

दुबई में बुर्ज अल अरब और 4-BHK डुप्लेक्स

महिला ने जांच एजेंसी को बताया कि दुबई यात्रा के दौरान वे Burj Al Arab के समुद्र की ओर बने डुप्लेक्स में ठहरे थे।

उसने यह भी बताया कि ऋषि उसे दुबई एयरपोर्ट के पास एक नए 4-BHK डुप्लेक्स में लेकर गया था। महिला के अनुसार, ऋषि ने कहा था कि वह पांच से दस साल बाद उसके साथ दुबई में बसना चाहता है और इसी उद्देश्य से उसने उस संपत्ति को पसंद किया है।

जनवरी 2026 में दोनों के फिर दुबई जाने का दावा किया गया है। इस दौरान ऋषि द्वारा Toyota Land Cruiser बुक कराने की बात भी महिला ने CBI को बताई।

सरकारी धन और निजी खर्च के बीच कनेक्शन की जांच

इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि जिस रकम से कथित तौर पर संपत्तियां, पार्टियां, होटल और विदेश यात्राएं की गईं, उसका वास्तविक स्रोत क्या था।

CBI के अनुसार, ऋषि के निजी खातों में SRR Planning Gurus से करीब 5.40 करोड़ रुपये और Swastik Desh Projects से करीब 1.50 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। जांच में उसकी पत्नी दिव्या अरोड़ा के खातों में भी लगभग 18.32 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई है।

इन कंपनियों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से सरकारी धन को कथित रूप से इधर-उधर किए जाने की जांच चल रही है।

एक अन्य जांच रिपोर्ट के अनुसार, कथित घोटाले की रकम का एक हिस्सा सोना खरीदने में भी इस्तेमाल किया गया। CBI के दस्तावेजों के आधार पर The Tribune ने बताया कि Sawan Jewellers के माध्यम से करीब 329.57 करोड़ रुपये प्राप्त होने की बात जांच में सामने आई थी।

657 करोड़ की रकम आखिर गई कहां?

हरियाणा सरकार के कई विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़े बैंक खातों में कथित हेराफेरी इस मामले का मूल हिस्सा है। CBI का आरोप है कि सरकारी धन को बैंकिंग व्यवस्था के जरिए विभिन्न संस्थाओं और शेल कंपनियों तक पहुंचाया गया और फिर उसका इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया गया।

जांच में सामने आई संपत्तियां, सोने की खरीद, होटल, पार्टियां और विदेश यात्राएं इस कथित धन प्रवाह की अलग-अलग कड़ियों की ओर इशारा करती हैं। लेकिन किसी विशेष खर्च को सीधे सरकारी धन से जोड़ने के लिए जांच एजेंसी को बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज और अन्य सबूत अदालत के सामने रखने होंगे।

महिला का फोन भी जांच में महत्वपूर्ण

CBI ने महिला का Samsung Z Fold फोन भी जब्त किया है। माना जा रहा है कि मोबाइल में मौजूद संदेश, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो, बैंकिंग जानकारी या अन्य डिजिटल सामग्री जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।

आज के दौर में बड़े वित्तीय अपराधों की जांच केवल बैंक स्टेटमेंट तक सीमित नहीं रहती। मोबाइल फोन, चैट, ईमेल, CCTV फुटेज, यात्रा रिकॉर्ड और डिजिटल भुगतान जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।

बैंकिंग व्यवस्था और सरकारी धन की सुरक्षा पर भी सवाल

यह मामला केवल एक बैंक अधिकारी की कथित निजी जिंदगी या उसके खर्चों तक सीमित नहीं है। इसकी बड़ी चिंता सरकारी धन की सुरक्षा से जुड़ी है।

यदि जांच एजेंसी के आरोप अदालत में साबित होते हैं, तो मामला यह सवाल उठाएगा कि सरकारी विभागों के खाते खोलने, धन जमा करने और बड़ी रकम निकालने की प्रक्रिया में किस स्तर पर नियंत्रण कमजोर पड़ा।

The Tribune की रिपोर्ट के अनुसार, CBI ने आरोप लगाया है कि ऋषि ने IDFC First Bank में सरकारी कारोबार लाने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया और कथित तौर पर ऊंची ब्याज दरों का प्रस्ताव देकर विभागों को बैंक में धन रखने के लिए तैयार किया।

यही वजह है कि इस मामले की जांच में बैंक कर्मचारियों के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई है।

‘लव स्टोरी’ से कहीं बड़ा है मामला

रिभव ऋषि और महिला डांसर से जुड़े खुलासे ने निश्चित रूप से इस कथित घोटाले को एक सनसनीखेज पहलू दिया है। हर महीने 10 लाख रुपये, करोड़ों का दिल्ली का घर, लग्जरी होटल, मकाऊ-थाईलैंड और दुबई यात्राओं जैसी बातें लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

लेकिन असली मामला इससे कहीं बड़ा है।

मामला उन सरकारी धनराशियों का है, जो जनता के पैसे से आती हैं और जिनका इस्तेमाल सरकारी योजनाओं, कर्मचारियों, विकास कार्यों तथा सार्वजनिक सेवाओं के लिए होना चाहिए। यदि जांच में यह साबित होता है कि इन्हीं पैसों को सुनियोजित तरीके से निजी संपत्ति और ऐशो-आराम पर खर्च किया गया, तो यह केवल बैंकिंग धोखाधड़ी नहीं बल्कि सार्वजनिक वित्तीय व्यवस्था में गंभीर सेंध का मामला होगा।

फिलहाल CBI की जांच जारी है और मामले में अदालत के सामने आरोपों तथा साक्ष्यों की पड़ताल होनी बाकी है। इसलिए इस पूरे प्रकरण में सामने आए दावों को जांच एजेंसी और गवाहों के बयानों के रूप में देखना जरूरी है, अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं।

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संपादकीय एवं कानूनी समीक्षा

एडवोकेट पी.के. निगम (Adv. P.K. Nigam)

वरिष्ठ विधिक शोधकर्ता एवं मुख्य कानूनी संपादक • Indian Law Notes

भारतीय कानून (BNS, BNSS, BSA, IPC, CrPC), सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों का सरल हिंदी में प्रामाणिक विधिक विश्लेषण।