Jio-Airtel-Vi ग्राहकों के लिए बड़ी खबर: अब बिना डेटा वाले रिचार्ज का विकल्प देना होगा, TRAI का नया नियम
मोबाइल रिचार्ज कराने वाले उन करोड़ों ग्राहकों के लिए 22 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है, जो अपने फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए करते हैं और इंटरनेट डेटा की उन्हें बहुत कम या बिल्कुल जरूरत नहीं होती। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण यानी TRAI ने Telecom Consumers Protection (13th Amendment) Regulations, 2026 को अंतिम रूप से जारी कर दिया है। नए नियमों का उद्देश्य ऐसे ग्राहकों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है, जिन्हें डेटा वाले महंगे बंडल की जगह केवल वॉयस कॉल और SMS की सुविधा चाहिए।
इस बदलाव की खास बात यह है कि यदि कोई टेलीकॉम कंपनी किसी विशेष वैधता अवधि के लिए Voice + SMS + Data वाला Special Tariff Voucher (STV) उपलब्ध कराती है, तो उसी वैधता अवधि के लिए उसे Voice और SMS-only STV भी उपलब्ध कराना होगा। यानी जिस ग्राहक को मोबाइल इंटरनेट की आवश्यकता नहीं है, उसके पास केवल कॉल और SMS वाला विकल्प चुनने का रास्ता होगा।
TRAI ने इससे पहले 2024 में भी कम से कम एक Voice और SMS-only STV उपलब्ध कराने की व्यवस्था की थी। लेकिन प्राधिकरण के अनुसार बाद में बाजार में ऐसे प्लान सीमित संख्या में दिखाई दिए और उनमें से कई लंबी वैधता वाले थे। इसी वजह से छोटे समय के लिए रिचार्ज कराने वाले ग्राहकों के विकल्प बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई।
क्या है TRAI का नया नियम?
नए नियमों का मूल उद्देश्य काफी सीधा है—जिस ग्राहक को डेटा नहीं चाहिए, उसे केवल कॉल और SMS की जरूरत के लिए डेटा वाला पैकेज लेने के लिए मजबूर न होना पड़े।
TRAI के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक 13वां संशोधन 22 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। इससे पहले अप्रैल 2026 में इसका ड्राफ्ट जारी करके टेलीकॉम कंपनियों, उद्योग संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे।
TRAI ने ड्राफ्ट में यह प्रस्ताव रखा था कि प्रत्येक ऐसी वैधता अवधि के लिए, जिसमें Voice, SMS और Data वाला STV उपलब्ध हो, उसी वैधता अवधि का Voice और SMS-only STV भी उपलब्ध कराया जाए। ऐसे Voice-SMS-only प्लान की कीमत में भी बड़े पैमाने पर आनुपातिक कमी का प्रावधान रखा गया था।
इसका मतलब यह नहीं है कि TRAI हर कंपनी के लिए एक निश्चित कीमत तय कर देगा। TRAI की अपनी जानकारी के अनुसार मोबाइल टैरिफ की कीमतें सीधे प्राधिकरण द्वारा निर्धारित नहीं की जातीं। कंपनियों को बाजार की परिस्थितियों के अनुसार टैरिफ तय करने की स्वतंत्रता रहती है, लेकिन उन्हें पारदर्शिता, गैर-भेदभाव और अन्य नियामकीय सिद्धांतों का पालन करना होता है।
Jio, Airtel और Vi ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
नए नियम का असर सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स पर पड़ेगा। इसलिए Jio, Airtel और Vi जैसे बड़े ऑपरेटरों के ग्राहकों के लिए भी इसका महत्व है।
मान लीजिए किसी कंपनी के पास एक ऐसा STV है जिसमें 30 दिन की वैधता के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग, SMS और डेटा मिलता है। नए नियम के तहत उसी वैधता अवधि के लिए Voice और SMS-only विकल्प भी उपलब्ध कराना होगा।
ऐसे ग्राहक जो इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें डेटा वाले पैकेज के बजाय केवल अपनी जरूरत की सेवाओं वाला विकल्प मिल सकेगा।
हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर कंपनी का Voice-SMS प्लान निश्चित रूप से किसी एक तय कीमत, जैसे ₹50 या ₹100, में ही आएगा। TRAI ने ऐसी एक समान खुदरा कीमत निर्धारित नहीं की है। वास्तविक कीमत और सुविधाएं संबंधित टेलीकॉम कंपनी के टैरिफ पर निर्भर करेंगी।
बुजुर्ग और फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों को फायदा
देश में बड़ी संख्या में ऐसे मोबाइल उपभोक्ता हैं जो स्मार्टफोन होने के बावजूद इंटरनेट का बहुत कम इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ग्राहक अभी भी मोबाइल का इस्तेमाल मुख्य रूप से फोन कॉल और SMS के लिए करते हैं।
विशेष रूप से बुजुर्ग ग्राहकों के लिए मोबाइल कनेक्शन का प्राथमिक उद्देश्य कई बार परिवार के सदस्यों से बात करना होता है। इसी तरह फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए भी डेटा की उपयोगिता सीमित हो सकती है।
ऐसे उपभोक्ताओं के लिए डेटा वाले बंडल का भुगतान करना हमेशा उनकी वास्तविक जरूरत के अनुरूप नहीं होता। नए नियम का उद्देश्य इसी तरह की स्थिति में ग्राहकों को ज्यादा विकल्प देना है।
TRAI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार Voice और SMS-only packs ऐसे prepaid plans हैं जिनमें डेटा शामिल नहीं होता और जिन्हें उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जिन्हें इंटरनेट सेवा की आवश्यकता नहीं है। TRAI के अनुसार ऐसे प्लान की वैधता 365 दिनों तक हो सकती है।
30 दिन या उससे कम वैधता वाले प्लान भी महत्वपूर्ण
नए बदलाव की एक खास बात छोटे वैधता वाले प्लान से जुड़ी है।
TRAI के अप्रैल 2026 के ड्राफ्ट में कहा गया था कि बाजार में Voice और SMS-only विकल्प मौजूद तो थे, लेकिन छोटे समय के लिए ऐसे विकल्प पर्याप्त नहीं थे। उपभोक्ताओं की ओर से भी छोटी अवधि वाले Voice-SMS-only packs की आवश्यकता को लेकर प्रतिनिधित्व प्राप्त हुए थे।
इसलिए अब किसी कंपनी द्वारा अलग-अलग वैधता अवधि वाले Voice + SMS + Data STV पेश किए जाने पर संबंधित वैधता अवधि में Voice और SMS-only विकल्प उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इसका असर उन लोगों पर खास तौर पर पड़ सकता है जो महीने-दर-महीने या छोटी अवधि के लिए मोबाइल नंबर सक्रिय रखना चाहते हैं।
हर महीने एक ही तारीख पर रिन्यू होने वाले प्लान का क्या होगा?
मोबाइल रिचार्ज व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण पहलू मासिक वैधता का है।
TRAI पहले से यह व्यवस्था कर चुका है कि प्रत्येक सेवा प्रदाता कम से कम एक ऐसा प्लान उपलब्ध कराए जो 30 दिनों के लिए हो और ऐसा भी प्लान हो जिसे हर महीने उसी तारीख को नवीनीकृत किया जा सके। यदि किसी महीने में वही तारीख उपलब्ध नहीं होती, तो उस महीने की अंतिम तारीख को नवीनीकरण की तारीख माना जाता है।
उदाहरण के लिए यदि किसी ग्राहक का मासिक नवीनीकरण 31 तारीख को होना है और अगले महीने 31 तारीख नहीं है, तो उस महीने की आखिरी तारीख को नवीनीकरण किया जाएगा।
अब Voice और SMS-only विकल्पों की उपलब्धता के संदर्भ में यह व्यवस्था उन ग्राहकों के लिए और उपयोगी हो सकती है जो नियमित रूप से केवल कॉलिंग और SMS की सेवा चाहते हैं।
क्या डेटा वाला रिचार्ज बंद हो जाएगा?
नहीं। ऐसा समझना गलत होगा कि नए नियमों के बाद डेटा वाले रिचार्ज समाप्त हो जाएंगे।
जिन ग्राहकों को इंटरनेट डेटा चाहिए, वे पहले की तरह डेटा वाले प्लान चुन सकेंगे। नए नियम का उद्देश्य डेटा वाले प्लान हटाना नहीं बल्कि एक अतिरिक्त उपभोक्ता विकल्प उपलब्ध कराना है।
यानी बाजार में एक तरफ Voice + SMS + Data वाले पैकेज रहेंगे और दूसरी तरफ उन ग्राहकों के लिए Voice + SMS-only विकल्प भी उपलब्ध होंगे जो डेटा का उपयोग नहीं करना चाहते।
यह व्यवस्था उपभोक्ता को अपनी जरूरत के अनुसार सेवा चुनने की सुविधा देने पर केंद्रित है।
“डेटा के पैसे बचेंगे” का मतलब क्या है?
इस बदलाव को समझने के लिए एक सामान्य उदाहरण लिया जा सकता है।
मान लीजिए कोई ग्राहक महीने में केवल फोन कॉल करता है और कभी-कभार SMS भेजता है। उसके पास स्मार्टफोन जरूर है, लेकिन वह मोबाइल डेटा का इस्तेमाल नहीं करता। यदि उपलब्ध विकल्पों में मुख्य रूप से Voice + SMS + Data पैकेज हैं, तो उसे ऐसे डेटा के लिए भी भुगतान करना पड़ सकता है जिसका वह उपयोग नहीं करता।
नए नियम के बाद संबंधित वैधता अवधि में Voice और SMS-only STV उपलब्ध होने से ग्राहक उस विकल्प की तुलना कर सकेगा और अपनी जरूरत के अनुसार चुनाव कर सकेगा।
यही इस नियम का सबसे महत्वपूर्ण उपभोक्ता पहलू है—मोबाइल सेवा खरीदते समय ग्राहक को अपनी जरूरत के मुताबिक विकल्प मिलना।
क्या Voice-SMS-only प्लान हमेशा बहुत सस्ता होगा?
यहां भी थोड़ी सावधानी जरूरी है।
नए नियम को इस तरह नहीं समझना चाहिए कि प्रत्येक Voice-SMS-only प्लान की कीमत अनिवार्य रूप से बहुत कम या किसी निश्चित रकम पर होगी। नियमों में संबंधित बंडल के मुकाबले कीमत में बड़े पैमाने पर आनुपातिक कमी की बात की गई है, लेकिन अंतिम खुदरा कीमत प्रत्येक सेवा प्रदाता के टैरिफ और बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
इसलिए ग्राहक को अपना रिचार्ज कराने से पहले संबंधित कंपनी की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या उपलब्ध टैरिफ सूची में प्लान की वास्तविक कीमत, वैधता और सुविधाएं देखनी चाहिए।
पहले से मौजूद Voice-SMS-only प्लान और नए नियम में अंतर
TRAI ने 2024 के 12वें संशोधन में प्रत्येक टेलीकॉम सेवा प्रदाता के लिए कम से कम एक Special Tariff Voucher केवल Voice और SMS के लिए उपलब्ध कराने की व्यवस्था की थी।
लेकिन TRAI के अनुसार इस व्यवस्था के बाद बाजार में ऐसे प्लान की संख्या सीमित रही। विशेष रूप से छोटी वैधता वाले विकल्पों की कमी की बात सामने आई।
इसी समस्या को दूर करने के लिए 13वें संशोधन में वैधता अवधि के स्तर पर विकल्प बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
अर्थात बदलाव केवल “एक Voice-SMS-only प्लान होना चाहिए” तक सीमित नहीं है। अब संबंधित Voice + SMS + Data STV की वैधता अवधि के अनुरूप Voice-SMS-only विकल्प उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
टेलीकॉम कंपनियों के लिए क्या बदलेगा?
नए नियमों के बाद कंपनियों को अपने STV पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी होगी।
जहां Voice, SMS और Data वाले अलग-अलग वैधता विकल्प उपलब्ध हैं, वहां संबंधित Voice-SMS-only विकल्पों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। इसका अर्थ है कि टेलीकॉम कंपनियों को अपने टैरिफ डिजाइन और ग्राहक-facing recharge systems में बदलाव करने पड़ सकते हैं।
कंपनियों को अपने उपलब्ध प्लान की जानकारी ग्राहकों के लिए स्पष्ट रूप से उपलब्ध करानी होगी। TRAI पहले से ही पारदर्शिता के सिद्धांत के तहत सेवा प्रदाताओं को उपलब्ध टैरिफ की जानकारी ग्राहक सेवा केंद्रों, बिक्री केंद्रों, वेबसाइट और ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था रखता है।
क्या ग्राहक को खुद कोई आवेदन करना होगा?
नहीं। यह किसी व्यक्तिगत ग्राहक को मिलने वाली कोई सब्सिडी या अलग सरकारी योजना नहीं है।
यह एक नियामकीय व्यवस्था है जिसके तहत टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को निर्धारित प्रकार के टैरिफ विकल्प उपलब्ध कराने होंगे। ग्राहक को किसी सरकारी कार्यालय में जाकर आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
जब संबंधित कंपनियां अपने नए या संशोधित टैरिफ उपलब्ध कराएंगी, तब ग्राहक अपने मोबाइल ऐप, वेबसाइट, रिटेलर या अन्य अधिकृत माध्यम से उन्हें देख सकेगा।
क्या यह नियम सिर्फ Jio, Airtel और Vi के लिए है?
नहीं। यह केवल तीन बड़ी कंपनियों के लिए बनाया गया नियम नहीं है। यह TRAI के नियामकीय ढांचे के तहत आने वाले संबंधित टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं पर लागू होता है।
TRAI के आधिकारिक दस्तावेजों में इस प्रक्रिया के दौरान Reliance Jio Infocomm, Bharti Airtel और Vodafone Idea सहित कई सेवा प्रदाताओं और उद्योग संगठनों की टिप्पणियां भी दर्ज हैं।
इसलिए उपभोक्ता को केवल Jio, Airtel या Vi तक सीमित होकर नहीं देखना चाहिए। नियम का उद्देश्य व्यापक रूप से उन सभी ग्राहकों के लिए विकल्प बढ़ाना है जिन्हें डेटा के बिना मोबाइल सेवा चाहिए।
उपभोक्ता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव
अगर सरल भाषा में पूरे नियम को समझें तो इसकी तस्वीर कुछ ऐसी बनती है—
पहला, यदि किसी वैधता अवधि में Voice + SMS + Data वाला संबंधित STV है, तो Voice + SMS-only विकल्प भी उपलब्ध होना चाहिए।
दूसरा, Voice-SMS-only विकल्प में डेटा शामिल नहीं होगा।
तीसरा, ऐसे विकल्पों का उद्देश्य उन ग्राहकों को राहत देना है जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की आवश्यकता नहीं है।
चौथा, छोटी वैधता वाले रिचार्ज की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी यह बदलाव महत्वपूर्ण है।
पांचवां, लंबी वैधता वाले Voice और SMS-only प्लान भी उपलब्ध हैं; TRAI की उपभोक्ता जानकारी के अनुसार इनकी वैधता 365 दिनों तक हो सकती है।
रिचार्ज करने से पहले ग्राहक क्या देखें?
नियम लागू होने के बाद भी ग्राहक को किसी प्लान को केवल उसके नाम के आधार पर नहीं चुनना चाहिए। रिचार्ज से पहले कुछ बातें देखना उपयोगी रहेगा।
सबसे पहले यह देखें कि प्लान में कितने दिनों की वैधता है। इसके बाद देखें कि उसमें वास्तव में Voice और SMS शामिल हैं या नहीं। यदि डेटा की जरूरत नहीं है तो Voice-SMS-only विकल्प की कीमत की तुलना डेटा वाले प्लान से की जा सकती है।
इसके अलावा SMS की संख्या, कॉलिंग की शर्तें, राष्ट्रीय रोमिंग, वैधता और अन्य सुविधाओं की जानकारी भी देखना जरूरी है।
इससे ग्राहक केवल सस्ता दिखने वाला प्लान लेने के बजाय अपनी वास्तविक जरूरत के हिसाब से रिचार्ज कर सकेगा।
निष्कर्ष
TRAI का 13वां संशोधन मोबाइल टैरिफ व्यवस्था में उपभोक्ता विकल्प बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। 22 सितंबर 2026 को जारी किए गए अंतिम नियमों के तहत Voice, SMS और Data वाले STV की संबंधित वैधता अवधि के लिए Voice और SMS-only विकल्प उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इसका सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिल सकता है जिन्हें इंटरनेट डेटा की आवश्यकता नहीं है और जो मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए करते हैं। बुजुर्गों, फीचर फोन उपयोगकर्ताओं और कम डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए यह विकल्प विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है।
हालांकि यह समझना जरूरी है कि TRAI ने प्रत्येक रिचार्ज की एक समान कीमत तय नहीं की है। टेलीकॉम कंपनियां अपने टैरिफ बाजार की परिस्थितियों के अनुसार तय करती हैं। नया नियम मुख्य रूप से इस बात को सुनिश्चित करता है कि ग्राहक को उसकी जरूरत के अनुरूप Voice और SMS-only विकल्प उपलब्ध हो।
अब आने वाले समय में असली बदलाव तब दिखाई देगा जब Jio, Airtel, Vi और अन्य सेवा प्रदाता अपने-अपने रिचार्ज पोर्टफोलियो में इन विकल्पों को लागू करेंगे। ऐसे में मोबाइल ग्राहक के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही होगी कि अगली बार रिचार्ज कराने से पहले वह उपलब्ध Voice-SMS-only और डेटा वाले प्लान की कीमत, वैधता और सुविधाओं की तुलना जरूर करे।
एडवोकेट पी.के. निगम (Adv. P.K. Nigam)
वरिष्ठ विधिक शोधकर्ता एवं मुख्य कानूनी संपादक • Indian Law Notes
भारतीय कानून (BNS, BNSS, BSA, IPC, CrPC), सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों का सरल हिंदी में प्रामाणिक विधिक विश्लेषण।
यह आलेख केवल शैक्षणिक, विधिक जागरूकता और अध्ययन के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। इसे आधिकारिक कानूनी सलाह न माना जाए। किसी भी वास्तविक मामले में संबंधित न्यायालय या विशेषज्ञ अधिवक्ता से परामर्श लें।