सट्टेबाजी से बनाई 96.97 लाख की संपत्ति पर पुलिस की कार्रवाई, कुख्यात रईस अंसारी और परिवार के बैंक खाते फ्रीज
2002 से अवैध सट्टे के कारोबार में सक्रिय था आरोपी, पत्नी-बेटे के खातों में करोड़ों के लेन-देन का खुलासा
जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से सट्टेबाजी के कारोबार में शामिल एक आरोपी और उसके परिवार की लाखों रुपये की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। बारां पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासू के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मोथपुर थाना पुलिस ने कुख्यात सट्टेबाज रईस अंसारी उर्फ अब्दुल रईस अंसारी और उसके परिवार के सदस्यों की करीब 96.97 लाख रुपये की संपत्ति और बैंक खातों पर रोक लगा दी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अवैध सट्टेबाजी से अर्जित धन को छिपाने के लिए अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और संपत्तियों का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी के पास आय का कोई स्पष्ट वैध स्रोत नहीं था, इसके बावजूद उसने बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति बना ली।
एसपी के निर्देश पर तेज हुआ अभियान
बारां पुलिस इन दिनों जुआ, सट्टेबाजी, अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में मोथपुर थाना पुलिस ने बाराउरा गांव निवासी रईस अंसारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
इस कार्रवाई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कमल जांगिड़ और अटरू सर्कल ऑफिसर रामानंद यादव की निगरानी में अंजाम दिया गया। थाना प्रभारी देवकरण चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की गतिविधियों और आर्थिक नेटवर्क की गहन जांच की।
जांच में सामने आया कि रईस अंसारी पिछले कई वर्षों से अवैध सट्टेबाजी में सक्रिय था।
23 साल से चला रहा था सट्टे का नेटवर्क
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रईस अंसारी वर्ष 2002 से सट्टेबाजी के अवैध कारोबार में शामिल रहा है। उसके खिलाफ मोथपुर थाने में राजस्थान पब्लिक गैंबलिंग ऑर्डिनेंस (आरपीजीओ) एक्ट के तहत कुल 11 मामले दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक इन सभी मामलों में आरोपी को दोषी ठहराया जा चुका है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वह लंबे समय से गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा था और उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
पत्नी और बेटे के खातों का इस्तेमाल
वित्तीय जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने अपनी अवैध कमाई को छिपाने के लिए पत्नी और बेटे के बैंक खातों का इस्तेमाल किया।
पुलिस के अनुसार रईस की पत्नी सलमा गृहिणी हैं और उनकी कोई स्वतंत्र आय का स्रोत नहीं है। इसके बावजूद उनके नाम पर कई बैंक खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट पाए गए।
जांच में सामने आया कि सलमा के नाम पर पांच फिक्स्ड डिपॉजिट खाते और एक बचत खाता था, जिसमें कुल करीब 4,64,836 रुपये जमा थे। पुलिस ने इन रकम को भी सट्टेबाजी से जुड़ी आय का हिस्सा माना है।
बेटे के खातों में करोड़ों का लेन-देन
पुलिस जांच में आरोपी के बेरोजगार बेटे शाहिद अहमद के बैंक खातों से भी बड़े लेन-देन सामने आए।
जांच में पाया गया कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच शाहिद के खातों में लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ।
एक बैंक खाते में करीब 1,15,57,876 रुपये जमा हुए और लगभग 1,15,02,991 रुपये निकाले गए। वहीं दूसरे खाते में लगभग 1,00,78,965 रुपये जमा और 1,00,75,219 रुपये निकासी दर्ज की गई।
पुलिस के अनुसार इतनी बड़ी रकम का लेन-देन किसी सामान्य आय वाले व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। इसी आधार पर पुलिस ने इन खातों की जांच आगे बढ़ाई।
बैंक खातों और एफडी को किया फ्रीज
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी परिवार से जुड़े बैंक खातों और जमा रकम को फ्रीज कर दिया।
पुलिस के अनुसार कार्रवाई में—
- 14 फिक्स्ड डिपॉजिट खातों में जमा करीब 69,44,361 रुपये
- 9 सेविंग खातों में जमा करीब 27,52,984 रुपये
को फ्रीज किया गया है।
पुलिस अब इन खातों से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन की भी जांच कर रही है।
जमीन, मकान और वाहनों का भी खुलासा
पुलिस की जांच सिर्फ बैंक खातों तक सीमित नहीं रही। जांच में आरोपी के नाम और परिवार के नाम पर कई अचल संपत्तियां भी सामने आईं।
इनमें बाराउरा गांव में आरोपी के नाम पर संयुक्त रूप से दर्ज करीब 1.45 हेक्टेयर कृषि भूमि शामिल है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है।
इसके अलावा 5 मार्च 2025 को बाराउरा ग्राम पंचायत से लीज पर लिए गए एक प्लॉट की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार इस प्लॉट पर करीब 30 लाख रुपये की लागत से दो मंजिला मकान बनाया गया था।
वहीं आरोपी की पत्नी सलमा के नाम पर एक आवासीय प्लॉट पर बने एक मंजिला मकान का भी पता चला है।
गाड़ियों की भी हुई पहचान
जांच के दौरान पुलिस को दो वाहनों की जानकारी मिली, जिनके बारे में आशंका जताई गई है कि उन्हें अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों से खरीदा गया।
इनमें—
- मारुति सुजुकी ईको कार
- पैशन प्रो मोटरसाइकिल
शामिल हैं।
पुलिस अब इन वाहनों के दस्तावेज और खरीद के स्रोत की भी जांच कर रही है।
अवैध कमाई पर शिकंजा कसने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे लोगों की आर्थिक कमर तोड़ना जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।
बारां पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जुआ, सट्टा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल रईस अंसारी और उसके परिवार की संपत्ति फ्रीज कर दी गई है। पुलिस आगे की जांच में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और कितनी संपत्ति अर्जित की गई है।
इस कार्रवाई को जिले में अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।