सेकेंड हैंड कार की जांच बनी मौत की वजह: एयरबैग खुलने से यूज्ड कार डीलर की दर्दनाक मौत, उठे कई सवाल
महाराष्ट्र के मुंबई महानगर क्षेत्र के मीरा रोड इलाके से एक बेहद हैरान करने वाला और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक सेकेंड हैंड कार की तकनीकी जांच करना एक युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ। कार खरीदने से पहले उसकी स्थिति परख रहे 25 वर्षीय यूज्ड कार डीलर की अचानक एयरबैग खुलने से मौत हो गई।
मृतक की पहचान मोहित सुरेश सोनी के रूप में हुई है। मोहित मीरा रोड स्थित टियारा हिल्स हाउसिंग सोसाइटी में रहते थे और सेकेंड हैंड कारों की खरीद-बिक्री का कारोबार करते थे। रोज की तरह वह एक कार की जांच कर रहे थे, लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि एक सामान्य तकनीकी जांच के दौरान इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
इस घटना ने वाहन सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर एयरबैग को सुरक्षा उपकरण माना जाता है, जो दुर्घटना के समय चालक और यात्रियों की जान बचाने के लिए लगाया जाता है। लेकिन इस मामले में बिना किसी टक्कर के एयरबैग खुलना ही युवक की मौत का कारण बन गया।
कार की जांच के दौरान अचानक खुला एयरबैग
पुलिस के अनुसार, यह घटना गुरुवार दोपहर काशीमीरा इलाके के प्लेजेंट पार्क सोसाइटी के पास हुई। मोहित एक सेकेंड हैंड कार को खरीदने से पहले उसकी तकनीकी स्थिति की जांच कर रहे थे। वह कार के अंदर बैठकर उसके स्टीयरिंग, सिस्टम और अन्य हिस्सों को देख रहे थे।
इसी दौरान अचानक कार के स्टीयरिंग में लगा एयरबैग तेज आवाज के साथ खुल गया। एयरबैग के खुलने की प्रक्रिया बेहद तेज होती है, क्योंकि इसे दुर्घटना के समय कुछ ही सेकंड में खुलकर सुरक्षा देने के लिए बनाया जाता है।
लेकिन इस घटना में एयरबैग का कवर इतनी तेजी से बाहर निकला कि वह मोहित की गर्दन के दाहिने हिस्से से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि उनकी गर्दन में गंभीर चोट लग गई। मौके पर ही काफी खून बहने लगा।
आसपास मौजूद लोग अचानक हुई इस घटना से घबरा गए। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल मोहित को बचाने की कोशिश की।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
घटना की जानकारी मिलते ही काशीमीरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए भायंदर स्थित पंडित भीमसेन जोशी सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच की और मोहित को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें लगी चोट बेहद गंभीर थी और अधिक खून बहने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई थी।
मोहित की अचानक हुई मौत से परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। जिस काम को वह रोजाना करते थे, उसी दौरान हुई एक अप्रत्याशित घटना ने उनकी जिंदगी छीन ली।
परिवार ने उठाए एयरबैग सिस्टम पर सवाल
मामले में मोहित के भाई कुलदीप सोनी ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यह समझना जरूरी है कि आखिर बिना किसी दुर्घटना के कार का एयरबैग अचानक कैसे खुल गया।
परिवार के मुताबिक, अगर एयरबैग सिस्टम में कोई तकनीकी खराबी थी या पहले से कोई छेड़छाड़ की गई थी, तो इसकी जांच होनी चाहिए। क्योंकि एयरबैग का उद्देश्य सुरक्षा देना होता है, किसी व्यक्ति की जान लेना नहीं।
परिवार यह भी जानना चाहता है कि क्या कार पहले किसी दुर्घटना का शिकार हो चुकी थी? क्या उसके एयरबैग सिस्टम की मरम्मत हुई थी? क्या किसी पार्ट को बदला गया था? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
पुलिस ने दर्ज किया आकस्मिक मृत्यु का मामला
काशीमीरा पुलिस ने इस मामले में फिलहाल आकस्मिक मृत्यु (Accidental Death) का मामला दर्ज किया है। पुलिस इसे एक दुर्घटना के रूप में जांच रही है और हर संभावित पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है।
मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक पनमंड कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि एयरबैग किस वजह से अचानक सक्रिय हुआ।
जांच के दौरान कार के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, एयरबैग सेंसर, वायरिंग और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच की जाएगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि कार के साथ पहले कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई थी।
RTO और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ करेंगे जांच
पुलिस ने कार की तकनीकी जांच के लिए ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की मदद लेने की बात कही है।
विशेषज्ञ यह जांच करेंगे कि:
- एयरबैग सेंसर में कोई खराबी थी या नहीं।
- कार के एयरबैग सिस्टम में पहले कोई बदलाव किया गया था या नहीं।
- कार कभी दुर्घटनाग्रस्त हुई थी या नहीं।
- एयरबैग की मरम्मत या रिप्लेसमेंट हुआ था या नहीं।
- सिस्टम में किसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी मौजूद थी या नहीं।
क्योंकि एयरबैग एक संवेदनशील सुरक्षा प्रणाली होती है, इसलिए इसकी जांच तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा ही की जाएगी।
सेकेंड हैंड कार खरीदने वालों के लिए सबक
यह घटना सेकेंड हैंड वाहन खरीदने वालों के लिए भी एक चेतावनी की तरह है। पुरानी कार खरीदते समय केवल बाहरी स्थिति देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।
वाहन खरीदने से पहले उसकी पूरी तकनीकी जांच कराना जरूरी होता है। खासतौर पर सुरक्षा से जुड़े उपकरण जैसे एयरबैग, ब्रेक सिस्टम, इंजन, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट और सेंसर की जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है।
कई बार पुरानी कारों में दुर्घटना के बाद एयरबैग सिस्टम से छेड़छाड़ की जाती है या उसे सही तरीके से ठीक नहीं कराया जाता। ऐसी स्थिति में वाहन चलाने वाले व्यक्ति की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
एयरबैग कैसे काम करता है?
एयरबैग कार की सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसमें सेंसर लगे होते हैं जो तेज टक्कर या दुर्घटना की स्थिति को पहचानकर एयरबैग को खोल देते हैं।
जब सेंसर को लगता है कि वाहन को गंभीर टक्कर लगी है, तो एक कंट्रोल यूनिट एयरबैग को सक्रिय करती है। इसके बाद गैस बनने की प्रक्रिया से एयरबैग कुछ ही क्षणों में फूल जाता है और चालक को चोट से बचाने की कोशिश करता है।
लेकिन यदि सेंसर या सिस्टम में खराबी आ जाए, तो एयरबैग गलत समय पर भी खुल सकता है। इसी संभावना की जांच इस मामले में की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी असली वजह
फिलहाल पुलिस ने कार के मालिक और वाहन के पुराने रिकॉर्ड की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि कार कितने समय से चल रही थी और क्या पहले किसी हादसे में शामिल रही थी।
मामले में तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि एयरबैग अचानक क्यों खुला।
मोहित सोनी की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आधुनिक वाहनों में लगी सुरक्षा तकनीक कितनी भरोसेमंद है और उसके रखरखाव में कितनी सावधानी बरतनी चाहिए।
एक युवक जो दूसरों के लिए बेहतर वाहन चुनने का काम करता था, वही एक वाहन की तकनीकी खामी का शिकार हो गया। अब जांच से ही पता चलेगा कि यह सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था या इसके पीछे कोई तकनीकी लापरवाही जिम्मेदार थी।