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केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़: आरोपी सिया गोयल के पिता को हार्ट अटैक, पुलिस की जांच तेज

केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़: आरोपी सिया गोयल के पिता को हार्ट अटैक, पुलिस की जांच तेज

       पुणे। महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपी बताई जा रही सिया गोयल को लेकर एक नई जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि सिया के पिता की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

परिजनों के अनुसार उनकी हालत गंभीर होने के बाद डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। अचानक सामने आई इस घटना के बाद सिया गोयल के परिवार में चिंता का माहौल है। वहीं दूसरी ओर पुलिस इस पूरे हत्याकांड की जांच को आगे बढ़ाने में जुटी हुई है।

हादसा नहीं, हत्या की कहानी ने बदला पूरा मामला

केतन अग्रवाल की मौत का मामला शुरुआत में एक सामान्य दुर्घटना माना जा रहा था। बताया गया था कि वह लोहगढ़ किले की खाई में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में इसे एक हादसा समझा गया।

लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के बाद कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे पूरे मामले की दिशा बदल गई। पुलिस को शक हुआ कि यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश हो सकती है।

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है।

दोनों आरोपियों को अदालत ने सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है, ताकि जांच एजेंसी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर सके।

आमने-सामने बैठाकर हुई पूछताछ

मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए सिया गोयल और चेतन चौधरी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और लोहगढ़ किले तक पहुंचने की पूरी योजना कैसे बनी।

पूछताछ के दौरान पुलिस दोनों आरोपियों के बयानों का मिलान कर रही है। जांच अधिकारी यह जानना चाहते हैं कि घटना से पहले और बाद में दोनों की गतिविधियां क्या थीं।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि केतन अग्रवाल की मौत वास्तव में कैसे हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।

नौकर के मोबाइल फोन ने बढ़ाया शक

जांच के दौरान पुलिस को एक और अहम जानकारी मिली है। पुलिस ने चेतन चौधरी की दुकान पर काम करने वाले नीरज कुमार नाम के युवक को भी हिरासत में लिया है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, घटना वाले दिन यानी 18 जून को चेतन नीरज का मोबाइल फोन लेकर लोहगढ़ किले गया था। पुलिस को शक है कि चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए इस फोन का इस्तेमाल किया।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मोबाइल से सिया गोयल को कितनी बार कॉल की गई और दोनों के बीच क्या बातचीत हुई।

नीरज पिछले करीब तीन साल से चेतन के पास काम कर रहा था। अब पुलिस उससे यह जानकारी जुटा रही है कि चेतन ने फोन क्यों लिया था और उस दिन उसकी गतिविधियां कैसी थीं।

मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूत इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आरोपी चेतन के पिता ने बेटे को बताया निर्दोष

वहीं दूसरी ओर आरोपी चेतन चौधरी के परिवार ने अपने बेटे का बचाव किया है। चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बेटे को फंसाया जा रहा है।

बाबूलाल चौधरी का कहना है कि उनका परिवार सिया गोयल को पहले से नहीं जानता था। उन्होंने कहा कि उन्होंने सिया का नाम पहली बार इस मामले के सामने आने के बाद सुना।

उन्होंने दावा किया कि चेतन और सिया के संबंधों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार उनके बेटे को गलत तरीके से इस मामले में आरोपी बनाया गया है।

चेतन के एक अन्य रिश्तेदार उदाराम चौधरी ने भी कहा कि परिवार सिया को केवल मीडिया में आई खबरों के माध्यम से जानता है।

पुलिस खंगाल रही हर कड़ी

केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस अब हर छोटी-बड़ी कड़ी को जोड़ने में लगी है। जांच टीम घटना स्थल से जुड़े सबूत, मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के बयानों की जांच कर रही है।

पुलिस का मानना है कि डिजिटल सबूत इस मामले की सच्चाई तक पहुंचने में अहम साबित हो सकते हैं।

घटना वाले दिन कौन-कौन लोहगढ़ किले पहुंचा, किससे संपर्क किया गया और घटना से पहले क्या तैयारी हुई, इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।

परिवार और समाज के सामने कई सवाल

इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई, वहीं दूसरी ओर उसकी मंगेतर और उसके कथित प्रेमी पर हत्या का आरोप लगा है।

परिवार के लिए यह मामला केवल कानूनी जांच का विषय नहीं बल्कि जीवन का सबसे बड़ा दुख बन गया है। केतन के परिवार को न्याय की उम्मीद है, जबकि आरोपी पक्ष अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बता रहा है।

अब जांच एजेंसी की रिपोर्ट और आगे की पुलिस कार्रवाई से ही साफ होगा कि इस मामले की वास्तविक कहानी क्या है।

सात दिन की हिरासत में अहम सुराग मिलने की उम्मीद

फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घटना अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी।

आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। पुलिस की जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल सबूत ही तय करेंगे कि केतन अग्रवाल की मौत की असली वजह क्या थी और दोषियों तक कानून किस तरह पहुंचेगा।