एलएलबी परीक्षा में एलएलएम लिखा प्रश्नपत्र बांटने से मचा हड़कंप, जांच में सामने आई सिर्फ टाइपिंग की गलती; परीक्षा रही जारी
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) की एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब विद्यार्थियों को वितरित किए गए प्रश्नपत्र पर एलएलबी की जगह एलएलएम लिखा हुआ मिला। प्रश्नपत्र के शीर्षक में हुई इस बड़ी तकनीकी गलती को देखकर परीक्षार्थी असमंजस में पड़ गए और कई परीक्षा केंद्रों पर कुछ समय के लिए भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, बाद में जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रश्नपत्र में केवल नाम संबंधी त्रुटि थी, जबकि उसमें पूछे गए सभी प्रश्न एलएलबी पाठ्यक्रम के अनुसार ही थे।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेश के कई जिलों में एलएलबी की परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मंगलवार को एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें हजारों विद्यार्थी शामिल हुए। परीक्षा शुरू होने के बाद जब छात्रों ने प्रश्नपत्र को ध्यान से देखा तो उसमें ऊपर की ओर एलएलबी के स्थान पर एलएलएम लिखा हुआ था। यह देखकर कई विद्यार्थी परेशान हो गए कि कहीं उन्हें गलत प्रश्नपत्र तो नहीं दे दिया गया है।
विद्यार्थियों ने तुरंत इसकी जानकारी परीक्षा केंद्र के कक्ष निरीक्षकों और केंद्राध्यक्ष को दी। कुछ स्थानों पर विद्यार्थियों ने परीक्षा शुरू करने से पहले आपत्ति भी दर्ज कराई। छात्रों का कहना था कि यदि प्रश्नपत्र एलएलएम का है तो एलएलबी के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। परीक्षा की निष्पक्षता और मूल्यांकन को लेकर भी विद्यार्थियों में चिंता दिखाई दी।
परीक्षा केंद्रों पर हुई जांच, सामने आई वास्तविक स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों ने प्रश्नपत्र की जांच शुरू की। उन्होंने प्रश्नों को एलएलबी छठवें सेमेस्टर के निर्धारित पाठ्यक्रम से मिलाया। जांच के दौरान पता चला कि प्रश्नपत्र में दिए गए सभी सवाल एलएलबी पाठ्यक्रम के ही थे। प्रश्नों का स्तर, विषय और पैटर्न भी एलएलबी के अनुरूप ही पाया गया।
इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि गलती केवल प्रश्नपत्र के ऊपरी हिस्से में छपने वाले पाठ्यक्रम के नाम में हुई थी। प्रिंटिंग के दौरान एलएलबी की जगह एलएलएम टाइप हो गया था। प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में हुई इस तकनीकी त्रुटि के कारण विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।
विश्वविद्यालय प्रशासन को जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली, अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों से पूरी रिपोर्ट मांगी। सभी केंद्रों से जानकारी प्राप्त करने के बाद विश्वविद्यालय ने स्थिति स्पष्ट की कि प्रश्नपत्र की सामग्री में कोई गलती नहीं है और केवल शीर्षक में बदलाव हुआ है।
करीब 15 हजार विद्यार्थी दे रहे हैं एलएलबी परीक्षा
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की एलएलबी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेश के आठ जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर लगभग 15 हजार विद्यार्थी एलएलबी की अलग-अलग सेमेस्टर परीक्षाएं दे रहे हैं।
ऐसे में प्रश्नपत्र में किसी भी प्रकार की गलती विद्यार्थियों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। कानून की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी परीक्षा को लेकर विशेष रूप से गंभीर रहते हैं, क्योंकि उनके आगे की पढ़ाई और करियर पर परीक्षा परिणाम का सीधा प्रभाव पड़ता है। इसी कारण एलएलएम लिखा प्रश्नपत्र देखकर विद्यार्थियों ने तुरंत आपत्ति दर्ज कराई।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच कराई, ताकि विद्यार्थियों के मन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
विश्वविद्यालय ने बताया—सिर्फ नाम में हुई गलती
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव सुनील नायक ने बताया कि कुछ परीक्षा केंद्रों से सूचना मिली थी कि एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षा में वितरित प्रश्नपत्र पर एलएलएम लिखा हुआ है। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर इसकी जांच कराई गई।
जांच में पाया गया कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय केवल शीर्षक में टाइपिंग संबंधी त्रुटि हो गई थी। प्रश्नपत्र में पूछे गए सभी प्रश्न एलएलबी पाठ्यक्रम के अनुसार थे। इसलिए परीक्षा को रद्द करने या स्थगित करने की आवश्यकता नहीं समझी गई।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को भी स्थिति की जानकारी दे दी गई और परीक्षा सामान्य रूप से जारी रही। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया कि इस गलती का विद्यार्थियों के मूल्यांकन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
परीक्षा परिणाम पर नहीं पड़ेगा प्रभाव
विश्वविद्यालय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को जिस विषय की परीक्षा देनी थी, उसी विषय के प्रश्नपत्र में प्रश्न पूछे गए थे। केवल ऊपर लिखे पाठ्यक्रम के नाम में गलती हुई है। इसलिए उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी।
अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया में ऐसी तकनीकी त्रुटियां कभी-कभी हो जाती हैं, लेकिन महत्वपूर्ण यह होता है कि प्रश्नपत्र की सामग्री सही हो। इस मामले में सामग्री पूरी तरह सही पाए जाने के कारण परीक्षा को जारी रखने का निर्णय लिया गया।
विद्यार्थियों को भी समझाया गया कि वे बिना किसी चिंता के परीक्षा दें और इस तकनीकी गलती को लेकर परेशान न हों।
प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर उठे सवाल
हालांकि, इस घटना ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य में प्रश्नपत्र की छपाई से पहले कई स्तरों पर जांच की जाती है। ऐसे में एलएलबी की जगह एलएलएम लिखा जाना एक बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।
शिक्षाविदों का कहना है कि प्रश्नपत्र में छोटी सी गलती भी विद्यार्थियों के बीच अनावश्यक तनाव पैदा कर सकती है। इसलिए विश्वविद्यालयों को प्रश्नपत्र तैयार करने और प्रिंटिंग से पहले अंतिम जांच की व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रश्नपत्र में विषय, पाठ्यक्रम, सेमेस्टर और परीक्षा का नाम सही होना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि यही दस्तावेज परीक्षा की आधिकारिक पहचान होता है।
विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली
शुरुआत में एलएलएम लिखा प्रश्नपत्र देखकर विद्यार्थियों में चिंता फैल गई थी। कई छात्रों को डर था कि यदि प्रश्नपत्र गलत हुआ तो उनकी मेहनत प्रभावित हो सकती है। लेकिन जब अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रश्न एलएलबी पाठ्यक्रम के अनुसार हैं, तब विद्यार्थियों ने राहत महसूस की।
परीक्षा केंद्रों पर कुछ समय तक चली असमंजस की स्थिति के बाद परीक्षा सामान्य रूप से पूरी कराई गई। किसी भी केंद्र पर परीक्षा निरस्त नहीं हुई।
यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में छोटी से छोटी सावधानी भी आवश्यक है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भले ही इसे तकनीकी गलती बताया हो, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने की व्यवस्था में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया है कि इस गलती से किसी भी छात्र के परिणाम या भविष्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।