सिपाही भर्ती परीक्षा में नकल की कोशिश नाकाम: बाथरूम में छिपाया मोबाइल, प्रश्नपत्र लेकर बाहर जाते अभ्यर्थी को पकड़ा गया
आगरा। उत्तर प्रदेश में चल रही सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान नकल की कोशिश का एक मामला सामने आया है। आगरा के एक परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी को परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधि के चलते पकड़ लिया गया। आरोप है कि अभ्यर्थी ने मोबाइल फोन बाथरूम में छिपाकर रखा था और प्रश्नपत्र लेकर वहां जाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मी की सतर्कता के कारण उसकी योजना सफल नहीं हो सकी।
मामले में पुलिस ने अभ्यर्थी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, परीक्षा की निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
यह घटना परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और निगरानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, समय रहते मामला पकड़ में आने से नकल माफिया या अनुचित साधनों के इस्तेमाल की कोशिश को रोका जा सका।
श्रीवेणी माधव विद्या पीठ इंटर कॉलेज में हुई घटना
जानकारी के अनुसार आगरा जनपद के डौकी थाना क्षेत्र के कुंडौल गांव निवासी रोहित पथौरी ने उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था।
उसका परीक्षा केंद्र आगरा शहर के महात्मा गांधी मार्ग स्थित श्रीवेणी माधव विद्या पीठ इंटर कॉलेज में बनाया गया था।
मंगलवार को परीक्षा की पहली पाली सुबह 10 बजे से शुरू हुई थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने केंद्र पहुंचे थे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय अभ्यर्थियों की जांच की गई थी, लेकिन इसके बावजूद रोहित के पास मोबाइल पहुंच गया।
बाथरूम जाने के बहाने कमरे से निकला अभ्यर्थी
पुलिस के मुताबिक परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद रोहित ने कक्ष निरीक्षक से बाथरूम जाने की अनुमति मांगी।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि लगभग सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर वह परीक्षा कक्ष से बाहर निकला।
नियमों के अनुसार परीक्षा के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को बाहर जाने पर निगरानी रखी जाती है। बाथरूम के बाहर भी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात था।
जब रोहित बाथरूम की तरफ पहुंचा तो वहां ड्यूटी कर रहे सिपाही को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं।
सिपाही ने नियमों के अनुसार उसकी तलाशी ली।
तलाशी में मिला प्रश्नपत्र
तलाशी के दौरान रोहित की शर्ट के अंदर परीक्षा का प्रश्नपत्र मिला।
यह देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने तुरंत इसकी जानकारी परीक्षा केंद्र प्रभारी बालकृष्ण मिश्रा को दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र प्रभारी ने तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचना दी और अभ्यर्थी को रोककर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि प्रश्नपत्र उसके पास कैसे पहुंचा और उसका उद्देश्य क्या था।
मोबाइल छिपाने की योजना का आरोप
जांच में आरोप है कि अभ्यर्थी ने मोबाइल फोन बाथरूम में छिपाकर रखा था।
आशंका जताई जा रही है कि वह प्रश्नों को बाहर ले जाकर किसी माध्यम से हल कराने या किसी अन्य तरीके से मदद लेने की कोशिश कर रहा था।
हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति जुड़ा था या उसने अकेले ही यह योजना बनाई थी।
पुलिस मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
कक्ष निरीक्षकों की भूमिका पर भी सवाल
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र की व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।
इतनी सख्त निगरानी के बावजूद अभ्यर्थी मोबाइल फोन लेकर परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंच गया, यह जांच का विषय बन गया है।
अधिकारियों ने मामले में दो कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
आशंका है कि परीक्षा के दौरान निगरानी में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लेकर अंदर पहुंच गया।
परीक्षा की शुचिता बनाए रखना बड़ी चुनौती
प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकना प्रशासन के सामने हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। लाखों अभ्यर्थी मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, ऐसे में कुछ लोगों द्वारा अनुचित साधनों का इस्तेमाल मेहनती उम्मीदवारों के साथ अन्याय करता है।
सरकार और परीक्षा कराने वाली एजेंसियां लगातार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए कदम उठा रही हैं।
सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक जांच, पुलिस निगरानी और सख्त नियमों के बावजूद कुछ लोग परीक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश करते हैं।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
मामले में पकड़े गए अभ्यर्थी रोहित पथौरी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने मोबाइल फोन कैसे अंदर पहुंचाया और क्या उसके पीछे कोई संगठित प्रयास था।
यदि जांच में कोई अन्य व्यक्ति शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूत
पूरे मामले में परीक्षा केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फुटेज के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष से कब निकला, किस रास्ते से गया और उसके पास प्रश्नपत्र कैसे आया।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से परीक्षा केंद्र की निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी।
प्रशासन ने दिए सख्ती के संकेत
अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना प्राथमिकता है।
किसी भी स्तर पर नकल या अनुचित साधनों का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना जरूरी है, इसलिए नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना भले ही एक केंद्र की हो, लेकिन इससे यह संदेश साफ है कि परीक्षा व्यवस्था में छोटी सी लापरवाही भी बड़े विवाद को जन्म दे सकती है।
समय रहते पुलिसकर्मी की सतर्कता से नकल की कोशिश पकड़ी गई और आगे की जांच अब पूरे मामले की परतें खोलेगी।