खान सर को पटना कोर्ट से अंतरिम राहत, गिरफ्तारी पर 20 जून तक रोक; रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज
हत्या के प्रयास और अवैध हथियार के इस्तेमाल से जुड़े मामले में आरोपित खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को पटना की अदालत से मंगलवार को बड़ी अंतरिम राहत मिली है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत ने फैजल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जून की तारीख तय की है।
अदालत ने पुलिस से केस डायरी और आरोपित के आपराधिक इतिहास की जानकारी मांगी है, ताकि अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम निर्णय लिया जा सके। वहीं, इसी विवाद से जुड़े दूसरे मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को अदालत से राहत नहीं मिली। उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
फायरिंग के वायरल वीडियो के बाद दर्ज हुआ था मामला
पूरा मामला पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, खान ग्लोबल स्टडीज के पास हुई एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार जून 2026 को कदमकुआं थाना में प्राथमिकी दर्ज की।
इस मामले में फैजल खान उर्फ खान सर और उनके दो निजी सुरक्षा कर्मियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया है।
आरोप है कि घटना के दौरान हथियारों का इस्तेमाल किया गया और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला बनाया गया। हालांकि आरोपित पक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है।
फैजल खान के अधिवक्ता ने बताया निर्दोष
अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान फैजल खान की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने अदालत के सामने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।
अधिवक्ता ने अदालत से आग्रह किया कि फैजल खान को अग्रिम जमानत प्रदान की जाए ताकि वह जांच में सहयोग कर सकें और उन्हें अनावश्यक गिरफ्तारी का सामना न करना पड़े।
दूसरी ओर, लोक अभियोजक राजेश कुमार ने जमानत याचिका का विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने मामले की गंभीरता और पुलिस जांच के तथ्यों का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत नहीं देने की मांग की।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तत्काल अंतिम फैसला देने के बजाय पुलिस से केस डायरी तलब की।
अदालत ने रखीं कुछ शर्तें
अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए फैजल खान को निर्देश दिया कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे। जब भी जांच अधिकारी उन्हें पूछताछ या किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया के लिए बुलाएंगे, उन्हें उपस्थित होना होगा।
कोर्ट ने पुलिस से फैजल खान का आपराधिक इतिहास भी मांगा है। इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों और जांच की स्थिति की जानकारी भी मांगी गई है।
अदालत का यह आदेश अंतिम जमानत नहीं है, बल्कि केवल अंतरिम राहत है। अंतिम निर्णय केस डायरी और जांच सामग्री के अध्ययन के बाद लिया जाएगा।
रौशन आनंद को नहीं मिली राहत
इसी विवाद से जुड़े एक अन्य मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी।
रौशन आनंद पर आरोप है कि खान ग्लोबल स्टडीज के एक सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की गई थी, जिसमें वह घायल हो गया था। इस मामले में कदमकुआं थाना में तीन जून को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने रौशन आनंद के साथ अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार कर तीन जून को जेल भेज दिया था। प्राथमिकी खान ग्लोबल स्टडीज के एक कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
इस मामले में आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद लिया फैसला
रौशन आनंद की जमानत याचिका पर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
मंगलवार को अदालत ने आदेश जारी करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
अदालत के इस फैसले के बाद रौशन आनंद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब उन्हें जेल में रहकर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
सुरक्षा कर्मियों की जमानत पर आज होगी सुनवाई
हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले में फैजल खान के दो सुरक्षा कर्मियों प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई चल रही है।
दोनों सुरक्षा कर्मियों की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने अदालत में जमानत की मांग की थी। सात जून को हुई सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
इसके बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रखते हुए पुलिस से केस डायरी और जांच में जुटाए गए साक्ष्यों की जानकारी मांगी थी।
अब इस मामले में दस जून को सुनवाई निर्धारित की गई है। अदालत यह तय करेगी कि सुरक्षा कर्मियों को जमानत दी जाए या नहीं।
मामले में बढ़ता कानूनी पेच
खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े इस विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। पुलिस जहां पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है, वहीं अदालतें अलग-अलग मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर निर्णय ले रही हैं।
एक तरफ फैजल खान को फिलहाल गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली है, लेकिन दूसरी ओर रौशन आनंद को जमानत नहीं मिल सकी है। दोनों मामलों में आरोपों की प्रकृति अलग-अलग होने के कारण अदालतों ने भी अलग-अलग रुख अपनाया है।
अग्रिम जमानत के मामले में अदालत आमतौर पर यह देखती है कि आरोपी जांच में सहयोग करेगा या नहीं, आरोपों की गंभीरता क्या है और प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री क्या संकेत देती है।
वहीं नियमित जमानत के मामले में अदालत आरोपी की हिरासत, जांच की स्थिति और आरोपों की गंभीरता जैसे पहलुओं पर विचार करती है।
20 जून की सुनवाई पर टिकी नजर
फैजल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर अब अगली सुनवाई 20 जून को होगी। उस दिन पुलिस द्वारा पेश की जाने वाली केस डायरी और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अदालत आगे का निर्णय लेगी।
फिलहाल अदालत के आदेश से फैजल खान को अस्थायी राहत मिली है, लेकिन मामले की कानूनी स्थिति अंतिम सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस जांच, अदालत की कार्रवाई और दोनों पक्षों की कानूनी दलीलों पर अब सभी की नजर बनी हुई है।