प्रश्न : प्रोफेशनल एथिक्स (Professional Ethics) से आप क्या समझते हैं?
भूमिका
मानव समाज में प्रत्येक पेशा (Profession) केवल आजीविका का साधन नहीं होता, बल्कि वह समाज के प्रति एक उत्तरदायित्व भी निभाता है। डॉक्टर, वकील, शिक्षक, अभियंता, चार्टर्ड अकाउंटेंट, पत्रकार, प्रशासक आदि सभी अपने-अपने क्षेत्रों में समाज को सेवाएँ प्रदान करते हैं। इन सेवाओं की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और नैतिकता इस बात पर निर्भर करती है कि संबंधित पेशेवर किस हद तक नैतिक मूल्यों और आचार-संहिता का पालन करते हैं। इसी संदर्भ में प्रोफेशनल एथिक्स (व्यावसायिक नैतिकता) का महत्व अत्यंत बढ़ जाता है।
प्रोफेशनल एथिक्स वह मानक और सिद्धांत हैं जो यह निर्धारित करते हैं कि किसी विशेष पेशे से जुड़े व्यक्ति को अपने कार्यों का निर्वहन किस प्रकार करना चाहिए। यह न केवल पेशेवर आचरण को दिशा देता है, बल्कि समाज में विश्वास, सम्मान और पारदर्शिता को भी सुनिश्चित करता है।
प्रोफेशनल एथिक्स की परिभाषा
प्रोफेशनल एथिक्स से तात्पर्य उन नैतिक सिद्धांतों, नियमों और आचार-संहिताओं से है, जो किसी विशेष पेशे से जुड़े व्यक्तियों के व्यवहार और कार्य-पद्धति को नियंत्रित करते हैं। यह बताता है कि किसी पेशेवर को अपने ग्राहकों, सहकर्मियों, संस्थान और समाज के प्रति किस प्रकार का आचरण करना चाहिए।
सरल शब्दों में कहा जाए तो, प्रोफेशनल एथिक्स वह नैतिक ढांचा है जिसके अंतर्गत कोई व्यक्ति अपने पेशे से संबंधित दायित्वों को ईमानदारी, निष्ठा, दक्षता और निष्पक्षता के साथ निभाता है।
प्रोफेशनल एथिक्स की प्रकृति
- नैतिक आधार – इसका मूल आधार नैतिकता और सदाचार है।
- व्यवहारिक स्वरूप – यह केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यवहार में लागू होने योग्य होता है।
- पेशा-विशेष पर केंद्रित – विभिन्न पेशों के लिए अलग-अलग आचार-संहिता होती है।
- अनुशासनात्मक स्वरूप – इसके उल्लंघन पर दंड या अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
प्रोफेशनल एथिक्स के उद्देश्य
- पेशे की गरिमा बनाए रखना।
- ग्राहकों/सेवाग्राहियों के हितों की रक्षा करना।
- पेशेवरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना।
- समाज में विश्वास और विश्वसनीयता स्थापित करना।
- भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और अनैतिक आचरण को रोकना।
प्रोफेशनल एथिक्स के प्रमुख सिद्धांत
1. ईमानदारी (Integrity)
पेशेवर को अपने कार्यों में सत्यनिष्ठ होना चाहिए। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, गलत बयानी या छल से बचना चाहिए।
2. निष्पक्षता (Objectivity)
निर्णय लेते समय व्यक्तिगत लाभ, पक्षपात या दबाव से मुक्त रहना चाहिए।
3. गोपनीयता (Confidentiality)
ग्राहक या संस्था से प्राप्त जानकारी को गोपनीय रखना चाहिए, जब तक कि कानून द्वारा खुलासा करना अनिवार्य न हो।
4. दक्षता (Competence)
पेशेवर को अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अद्यतन करते रहना चाहिए।
5. उत्तरदायित्व (Responsibility)
अपने कार्यों के परिणामों की जिम्मेदारी लेना और गलतियों को सुधारने का प्रयास करना।
प्रोफेशनल एथिक्स और आचार-संहिता
अधिकांश पेशों में एक औपचारिक कोड ऑफ कंडक्ट (Code of Conduct) या आचार-संहिता बनाई जाती है। उदाहरण के लिए, भारत में अधिवक्ताओं के लिए Bar Council of India द्वारा पेशेवर आचार-संहिता निर्धारित की गई है। इसी प्रकार डॉक्टरों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कंपनी सचिवों और अन्य पेशों के लिए भी नियामक संस्थाएँ नैतिक मानक तय करती हैं।
आचार-संहिता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी पेशेवर एक समान नैतिक ढांचे के अंतर्गत कार्य करें।
विभिन्न पेशों में प्रोफेशनल एथिक्स का महत्व
1. चिकित्सा पेशा
डॉक्टर का कर्तव्य है कि वह रोगी के जीवन और स्वास्थ्य को सर्वोपरि माने। गलत उपचार, लापरवाही या अनावश्यक लाभ कमाने की प्रवृत्ति अनैतिक है।
2. विधि (Law) पेशा
वकील को न्यायालय और मुवक्किल दोनों के प्रति ईमानदार रहना चाहिए। झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करना या तथ्य छिपाना गंभीर अनैतिकता है।
3. शिक्षा क्षेत्र
शिक्षक का दायित्व है कि वह निष्पक्ष, ईमानदार और प्रेरणादायक बने। छात्रों के साथ भेदभाव या शोषण नैतिकता के विरुद्ध है।
4. व्यवसाय और कॉर्पोरेट क्षेत्र
कंपनियों को उपभोक्ताओं के साथ पारदर्शिता, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे दायित्वों का पालन करना चाहिए।
प्रोफेशनल एथिक्स और कानून का संबंध
प्रोफेशनल एथिक्स और कानून एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, लेकिन दोनों समान नहीं हैं।
- कानून न्यूनतम आचरण तय करता है।
- नैतिकता उच्चतम आचरण का मार्गदर्शन करती है।
कई बार कोई कार्य कानूनी हो सकता है, परंतु नैतिक नहीं। उदाहरण के लिए, किसी कानूनी खामी का लाभ उठाकर अनुचित लाभ कमाना।
प्रोफेशनल एथिक्स के उल्लंघन के परिणाम
- पेशेवर की साख को नुकसान।
- कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई।
- संस्था की प्रतिष्ठा पर आघात।
- समाज का विश्वास कम होना।
आधुनिक समय में प्रोफेशनल एथिक्स की चुनौतियाँ
- बढ़ती प्रतिस्पर्धा।
- व्यावसायीकरण की प्रवृत्ति।
- तकनीकी जटिलताएँ।
- भ्रष्टाचार और लालच।
इन चुनौतियों के बावजूद, प्रोफेशनल एथिक्स का पालन करना पहले से अधिक आवश्यक हो गया है।
प्रोफेशनल एथिक्स को सुदृढ़ करने के उपाय
- नैतिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करना।
- नियमित प्रशिक्षण और कार्यशालाएँ।
- सख्त आचार-संहिता और निगरानी तंत्र।
- उदाहरण प्रस्तुत करने वाले नेतृत्व का विकास।
निष्कर्ष
प्रोफेशनल एथिक्स किसी भी सभ्य और विकसित समाज की आधारशिला है। यह न केवल पेशेवरों को सही दिशा देता है, बल्कि समाज में विश्वास, पारदर्शिता और न्याय की भावना को भी मजबूत करता है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक और भौतिकवादी युग में, प्रोफेशनल एथिक्स का महत्व और अधिक बढ़ गया है।
अतः यह कहा जा सकता है कि कोई भी पेशा तभी सम्मानजनक और सफल हो सकता है, जब उसके सदस्य उच्च नैतिक मूल्यों और प्रोफेशनल एथिक्स का ईमानदारी से पालन करें।