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Volenti Non Fit Injuria का सिद्धांत (Maxim)

Volenti Non Fit Injuria का सिद्धांत (Maxim)


भूमिका

अपकृत्य विधि (Law of Torts) का मूल सिद्धांत यह है कि यदि किसी व्यक्ति के विधिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है और उसे हानि पहुँची है, तो वह प्रतिवादी के विरुद्ध क्षतिपूर्ति का दावा कर सकता है। परन्तु इस सामान्य नियम के कुछ महत्वपूर्ण अपवाद (Exceptions) हैं, जिनमें से एक अत्यंत प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण लैटिन मैक्सिम है—

👉 Volenti Non Fit Injuria

इस मैक्सिम का अर्थ है—
“जो व्यक्ति स्वेच्छा से किसी जोखिम को स्वीकार करता है, उसे हुई हानि के लिए कानून अपकृत्य नहीं मानता।”

अर्थात् यदि कोई व्यक्ति पूरी जानकारी और स्वतंत्र इच्छा से किसी जोखिमपूर्ण कार्य में भाग लेता है, तो वह उस जोखिम से उत्पन्न हानि के लिए बाद में अपकृत्य का वाद नहीं कर सकता।

यह सिद्धांत व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा (free will) और स्व-उत्तरदायित्व (self-responsibility) पर आधारित है।


1. मैक्सिम का अर्थ और अवधारणा

Volenti = स्वेच्छा से
Non Fit = लागू नहीं होता
Injuria = विधिक हानि / अपकृत्य

अर्थात् –
👉 “स्वेच्छा से स्वीकार किए गए जोखिम से उत्पन्न हानि को अपकृत्य नहीं माना जाएगा।”

यदि वादी (plaintiff) ने स्वयं जोखिम को स्वीकार किया है, तो वह प्रतिवादी (defendant) को उत्तरदायी नहीं ठहरा सकता।

उदाहरण

यदि कोई व्यक्ति यह जानते हुए कि पर्वतारोहण एक खतरनाक गतिविधि है, स्वेच्छा से पर्वतारोहण करता है और घायल हो जाता है, तो वह आयोजक के विरुद्ध अपकृत्य का वाद नहीं चला सकता।


2. सिद्धांत का दार्शनिक आधार

इस मैक्सिम का आधार निम्नलिखित सिद्धांतों पर है—

  1. व्यक्ति अपनी इच्छा से निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है।
  2. जो व्यक्ति जोखिम उठाता है, वह उसके परिणामों की जिम्मेदारी भी लेता है।
  3. कानून ऐसे व्यक्ति की सहायता नहीं करता जो स्वयं खतरे को आमंत्रित करता है।

यह सिद्धांत न्याय और तर्क (logic) पर आधारित है।


3. सिद्धांत के आवश्यक तत्व (Essential Elements)

Volenti Non Fit Injuria लागू होने के लिए निम्न तत्वों का होना आवश्यक है—

(1) जोखिम का पूर्ण ज्ञान

वादी को उस जोखिम की प्रकृति और सीमा का वास्तविक ज्ञान होना चाहिए।

(2) जोखिम की स्वैच्छिक स्वीकृति

वादी ने बिना दबाव, धोखे या विवशता के जोखिम स्वीकार किया हो।

(3) स्वतंत्र सहमति (Free Consent)

सहमति वास्तविक और स्वतंत्र होनी चाहिए।

यदि इन तीनों तत्वों में से कोई भी अनुपस्थित हो, तो यह सिद्धांत लागू नहीं होगा।


4. न्यायिक निर्णयों द्वारा सिद्धांत का विकास

(क) Hall v Brooklands Auto Racing Club

इस मामले में मोटर कार रेस के दौरान एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर दर्शकों में जा गिरी और वादी घायल हो गया।

निर्णय
न्यायालय ने कहा कि वादी स्वेच्छा से मोटर रेस देखने गया था और उसने इस प्रकार के जोखिम को स्वीकार किया था। अतः प्रतिवादी उत्तरदायी नहीं होगा।

महत्व
खेल प्रतियोगिताओं और मनोरंजन गतिविधियों में Volenti सिद्धांत का प्रमुख उदाहरण।


(ख) Wooldridge v Sumner

घुड़सवारी प्रतियोगिता के दौरान घोड़ा दर्शकों की ओर मुड़ गया और वादी घायल हो गया।

निर्णय
न्यायालय ने कहा कि खेल देखने वाला व्यक्ति सामान्य जोखिम को स्वीकार करता है, इसलिए प्रतिवादी उत्तरदायी नहीं होगा।

महत्व
इस निर्णय ने खेल आयोजनों में इस सिद्धांत की पुनः पुष्टि की।


5. सिद्धांत का प्रयोग (Applications)

Volenti Non Fit Injuria का प्रयोग प्रायः निम्न परिस्थितियों में होता है—

  1. खेल प्रतियोगिताएँ
  2. साहसिक गतिविधियाँ
  3. चिकित्सा उपचार (कुछ हद तक)
  4. मनोरंजन पार्क या एडवेंचर स्पोर्ट्स

6. मैक्सिम की सीमाएँ (Limitations of Volenti Non Fit Injuria)

यद्यपि यह सिद्धांत महत्वपूर्ण है, परन्तु यह पूर्ण (absolute) नहीं है। इसके कई महत्वपूर्ण अपवाद हैं—


(1) धोखाधड़ी या गलत प्रस्तुति

यदि वादी की सहमति धोखे से प्राप्त की गई हो, तो यह सिद्धांत लागू नहीं होगा।

उदाहरण
यदि किसी व्यक्ति को यह कहा जाए कि उपकरण पूरी तरह सुरक्षित है, जबकि वास्तव में वह दोषपूर्ण हो, तो Volenti लागू नहीं होगा।


(2) विवशता (Compulsion)

यदि व्यक्ति किसी दबाव या विवशता में जोखिम उठाता है, तो यह सिद्धांत लागू नहीं होगा।

उदाहरण
कर्मचारी को नौकरी बचाने के लिए खतरनाक मशीन पर काम करने के लिए मजबूर किया जाए।


(3) वैधानिक कर्तव्य का उल्लंघन

यदि प्रतिवादी ने किसी विधि द्वारा लगाए गए कर्तव्य का उल्लंघन किया है, तो वह Volenti का सहारा नहीं ले सकता।


(4) बचाव कार्य (Rescue Cases)

जो व्यक्ति किसी की जान या संपत्ति बचाने के लिए जोखिम उठाता है, उसे Volenti के अंतर्गत नहीं माना जाता।

कानून ऐसे व्यक्तियों को संरक्षण देता है।


(5) बालक या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति

यदि वादी जोखिम को समझने में सक्षम नहीं है, तो यह सिद्धांत लागू नहीं होगा।


(6) प्रतिवादी की घोर लापरवाही

यदि प्रतिवादी की लापरवाही अत्यधिक या जानबूझकर हो, तो वह Volenti का सहारा नहीं ले सकता।


7. Volenti Non Fit Injuria और योगदानात्मक लापरवाही में अंतर

आधार Volenti Non Fit Injuria Contributory Negligence
प्रकृति पूर्ण प्रतिरक्षा आंशिक प्रतिरक्षा
परिणाम प्रतिवादी पूर्णतः मुक्त क्षतिपूर्ति घटती है
आधार जोखिम की स्वीकृति वादी की लापरवाही

8. आलोचनात्मक मूल्यांकन

सकारात्मक पक्ष

  1. व्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करता है।
  2. निरर्थक मुकदमों को रोकता है।
  3. जोखिमपूर्ण गतिविधियों को संभव बनाता है।

नकारात्मक पक्ष

  1. कई बार पीड़ित के साथ अन्याय हो सकता है।
  2. सहमति सिद्ध करना कठिन होता है।
  3. शक्तिशाली पक्ष इसका दुरुपयोग कर सकता है।

निष्कर्ष

Volenti Non Fit Injuria अपकृत्य विधि का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यवहारिक सिद्धांत है। इसका सार यह है कि जो व्यक्ति स्वेच्छा से जोखिम उठाता है, वह उसके परिणामों के लिए स्वयं उत्तरदायी होता है।

किन्तु यह सिद्धांत असीमित नहीं है। धोखाधड़ी, विवशता, वैधानिक कर्तव्य के उल्लंघन, बचाव कार्य तथा अक्षम व्यक्तियों के मामलों में यह लागू नहीं होता।

इस प्रकार, यह मैक्सिम व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन स्थापित करता है तथा अपकृत्य विधि को व्यावहारिक और न्यायसंगत बनाता है।